E Uparjan MP पर गेहूं पंजीयन कैसे करें

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए E Uparjan Portal की शुरुआत की है, जिससे वे अपनी फसलों का पंजीयन और विक्रय आसानी से ऑनलाइन कर सकते हैं। गेहूं पंजीयन प्रक्रिया 20 जनवरी 2025 से शुरू होकर 31 मार्च 2025 तक चलेगी। इस ब्लॉग में, हम ई-उपार्जन एमपी पर गेहूं पंजीयन की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़, पात्रता, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

ई-उपार्जन पोर्टल का परिचय

ई-उपार्जन (E-Uparjan) पोर्टल मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विकसित एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों के पंजीयन, विक्रय, और भुगतान से संबंधित सेवाएँ प्रदान करना है। इस पोर्टल के माध्यम से, किसान घर बैठे अपनी फसल का पंजीयन कर सकते हैं, उपार्जन केंद्रों का चयन कर सकते हैं, और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेच सकते हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)

सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 150 रुपये अधिक है। यह वृद्धि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

गेहूं पंजीयन के लिए पात्रता

गेहूं पंजीयन के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं:

  1. निवास: केवल मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी किसान ही पंजीयन के पात्र हैं।
  2. भूमि स्वामित्व: किसान के पास स्वयं की कृषि भूमि होनी चाहिए। सिकमी, बटाईदार, कोटवार, और वन पट्टाधारी किसानों के लिए विशेष प्रावधान हैं।
  3. आधार कार्ड: किसान का आधार कार्ड होना अनिवार्य है, जो बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।

गेहूं पंजीयन की आवश्यकता और लाभ

गेहूं पंजीयन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से वे सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेच सकते हैं। पंजीयन के बिना, किसान सरकारी उपार्जन केंद्रों पर अपनी फसल नहीं बेच सकते। इसके अलावा, पंजीयन से किसानों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): पंजीकृत किसान अपनी फसल को सरकार द्वारा निर्धारित MSP पर बेच सकते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है।
  • सीधे बैंक खाते में भुगतान: फसल विक्रय के बाद, भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और समय की बचत होती है।
  • सुविधाजनक प्रक्रिया: ऑनलाइन पंजीयन से किसानों को लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होती, और वे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

गेहूं पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने से पहले, किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखने चाहिए:

  1. आधार कार्ड: पहचान प्रमाण के रूप में आवश्यक।
  2. बैंक खाता विवरण: आईएफएससी कोड सहित बैंक खाता संख्या, ताकि भुगतान सीधे खाते में किया जा सके।
  3. भूमि संबंधी दस्तावेज़: खसरा नंबर, ऋण पुस्तिका, या भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र।
  4. मोबाइल नंबर: जो आधार कार्ड से लिंक हो, ताकि OTP वेरिफिकेशन किया जा सके।

ई-उपार्जन पोर्टल पर गेहूं पंजीयन की प्रक्रिया

ई-उपार्जन पोर्टल पर गेहूं पंजीयन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. पोर्टल पर जाएं: अपने वेब ब्राउज़र में ई-उपार्जन पोर्टल खोलें।
  2. पंजीयन विकल्प चुनें: होम पेज पर, “अन्य उपयोगकर्ता” सेक्शन में “पंजीयन केंद्र किओस्क के लिए पंजीकरण (रबी 2025)” विकल्प पर क्लिक करें।
  3. फॉर्म भरें: नए पेज पर, आवश्यक जानकारी जैसे नाम, पता, आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, और भूमि संबंधी जानकारी भरें।
  4. दस्तावेज़ अपलोड करें: आवश्यक दस्तावेज़ों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें।
  5. ओटीपी सत्यापन: मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके सत्यापन करें।
  6. सबमिट करें: सभी जानकारी भरने और सत्यापन के बाद, “सुरक्षित करें” बटन पर क्लिक करें।

पंजीयन सफल होने पर, आपको एक पावती रसीद प्राप्त होगी, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।

पंजीयन के लिए अन्य विकल्प

किसान निम्नलिखित माध्यमों से पंजीयन कर सकते हैं:

  • सशुल्क पंजीयन केंद्र: एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र, और निजी साइबर कैफे।
  • ऑनलाइन माध्यम: किसान घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से ई-उपार्जन पोर्टल https://mpeuparjan.nic.in/ पर पंजीयन कर सकते हैं।
  • एमपी किसान ऐप: मोबाइल ऐप के माध्यम से भी पंजीयन संभव है।
  • निःशुल्क पंजीयन केंद्र: ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियाँ, और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा स्थापित केंद्रों पर।

गेहूं पंजीयन की महत्वपूर्ण तिथियाँ

गेहूं पंजीयन के लिए निम्नलिखित तिथियों का ध्यान रखें:

  • पंजीयन प्रारंभ तिथि: 20 जनवरी 2025
  • पंजीयन समाप्ति तिथि: 31 मार्च 2025

समय पर पंजीयन करने से आप सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे लाभों का पूर्ण रूप से लाभ उठा सकते हैं।

एमपी किसान ऐप के माध्यम से पंजीयन

किसान अपने स्मार्टफोन पर “एमपी किसान” ऐप डाउनलोड करके भी पंजीयन कर सकते हैं:

  1. ऐप डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर से “एमपी किसान” ऐप डाउनलोड करें।
  2. ऐप इंस्टॉल करें और खोलें: इंस्टॉल करने के बाद, ऐप खोलें।
  3. पंजीयन प्रक्रिया शुरू करें: ऐप में “गेहूं पंजीयन” विकल्प चुनें और आवश्यक जानकारी भरें।
  4. दस्तावेज़ अपलोड करें: आवश्यक दस्तावेज़ों की फोटो अपलोड करें।
  5. सबमिट करें: सभी जानकारी भरने के बाद, फॉर्म सबमिट करें और पंजीयन की पुष्टि प्राप्त करें।

पंजीयन के दौरान ध्यान देने योग्य बातें

  • आधार नंबर का सत्यापन: पंजीयन के दौरान आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य है। यह सत्यापन OTP या बायोमेट्रिक माध्यम से किया जा सकता है।
  • बैंक खाता विवरण: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है, ताकि फसल विक्रय का भुगतान सीधे आपके खाते में किया जा सके।
  • भूमि संबंधी जानकारी: भूमि के खसरा नंबर और अन्य विवरण सही-सही भरें, ताकि पंजीयन में कोई त्रुटि न हो।
  • संपर्क जानकारी: सक्रिय मोबाइल नंबर प्रदान करें, जिससे पंजीयन और भुगतान से संबंधित सूचनाएँ आपको समय पर मिल सकें।

पंजीयन के दौरान ध्यान देने योग्य बातें

  • आधार नंबर का सत्यापन: पंजीयन और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य है। यह सत्यापन ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकता है।
  • बैंक खाता सत्यापन: पंजीयन के दौरान, बैंक खाता विवरण की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए 1 रुपये का लेनदेन किया जाएगा।
  • नाम की समानता: किसान के भूमि अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम समान होना चाहिए। असमानता की स्थिति में, सत्यापन तहसील कार्यालय द्वारा किया जाएगा।

फसल विक्रय और भुगतान प्रक्रिया

पंजीयन के बाद, किसान अपनी फसल निर्धारित उपार्जन केंद्र पर विक्रय कर सकते हैं। फसल विक्रय के बाद, भुगतान सीधे किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया जाएगा। यदि किसी कारणवश आधार लिंक्ड खाते में समस्या आती है, तो पंजीयन के दौरान प्रदान किए गए अन्य बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • आधार सत्यापन: पंजीकरण और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य है। यह सत्यापन ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकता है।
  • नाम में समानता: किसान के भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम समान होना चाहिए। असमानता की स्थिति में, तहसील कार्यालय से सत्यापन आवश्यक होगा।
  • सिकमी, बटाईदार, कोटवार, और वन पट्टाधारी किसान: इन श्रेणियों के किसानों का पंजीकरण केवल सहकारी समिति और सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीकरण केंद्रों पर ही किया जाएगा, और इनका सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

सहायता और संपर्क

यदि पंजीयन या फसल विक्रय के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है, तो किसान निम्नलिखित माध्यमों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं:

  • हेल्पलाइन नंबर: ई-उपार्जन पोर्टल पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
  • सहकारी समितियाँ: अपने निकटतम सहकारी समिति या ग्राम पंचायत कार्यालय में जाएं।
  • ईमेल: ई-उपार्जन पोर्टल पर उपलब्ध ईमेल आईडी पर अपनी समस्या विवरण भेजें।

निष्कर्ष

ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से गेहूं पंजीयन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलती है। सभी किसानों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर अपना पंजीयन सुनिश्चित करें और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं।

अधिक जानकारी और पंजीयन के लिए, ई-उपार्जन पोर्टल (https://mpeuparjan.nic.in/) पर जाएं।